Bihar Bakri Farm Yojana 2025 बिहार सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में बकरी पालन को बढ़ावा देना, ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना और किसानों की आमदनी बढ़ाना है। सरकार द्वारा बकरी पालन यूनिट पर 50% से 60% तक सब्सिडी दी जाती है, जिससे यह बिहार के हर जिले — चाहे पटना हो, गया, भागलपुर, पूर्णिया, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर या पूर्वी चंपारण — सभी के लिए अत्यंत लाभदायक योजना बन गई है।
योजना की मुख्य बातें
- राज्य सरकार बकरी पालन पर 50% से 60% तक सब्सिडी देती है।
- SC/ST वर्ग को 60%, जबकि General/OBC को 50% का लाभ मिलता है।
- बकरी पालन यूनिट पर सरकार की तरफ से ₹7 लाख तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है।
- योजना पूरे बिहार राज्य के ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू है।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है।
- चयन पहले आओ, पहले पाओ आधार पर होता है।
- कम पूंजी में शुरू होने वाला उच्च-लाभ वाला व्यवसाय है।
कौन-कौन आवेदन कर सकता है
- बिहार का स्थायी निवासी
- कम से कम 18 वर्ष की आयु
- बकरी पालन के लिए जमीन या बाडा (अपनी या लीज पर)
- बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए
- SC/ST वर्ग को अतिरिक्त लाभ
- वार्षिक आय कम होने पर प्राथमिकता
- ग्रामीण और शहरी दोनों आवेदक आवेदन कर सकते हैं
आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- निवास प्रमाण पत्र
- जमीन/बाड़ा संबंधी दस्तावेज
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST के लिए)
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
सब्सिडी और यूनिट लागत
20 बकरी + 1 बकरा यूनिट
- कुल लागत: लगभग ₹2.42 लाख
- सामान्य वर्ग सब्सिडी: ~₹72,000
- SC/ST सब्सिडी: ~₹1.27 लाख
40 बकरी + 2 बकरा यूनिट
- कुल लागत: लगभग ₹5.32 लाख
- सामान्य वर्ग सब्सिडी: ~₹1.59 लाख
- SC/ST सब्सिडी: ~₹2.12 लाख
100 बकरी + 5 बकरा यूनिट
- कुल लागत: लगभग ₹13.04 लाख
- सामान्य वर्ग सब्सिडी: ~₹3.91 लाख
- SC/ST सब्सिडी: ~₹5 लाख (लगभग)
3-बकरी स्टार्टअप मॉडल
- सहायता राशि: ₹12,000–₹13,500
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- बिहार पशुपालन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।
- Bakri Palan / Bakri Farm Yojana 2025 आवेदन लिंक खोलें।
- रजिस्टर करें और आवेदन फॉर्म भरें।
- सभी दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन सबमिट करें और पुष्टि पर्ची डाउनलोड करें।
- जिला पशुपालन कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद सब्सिडी प्रक्रिया शुरू होती है।
यह योजना किन जिलों में लागू है? (पूरे बिहार में)
- पटना
- गया
- नालंदा
- मुजफ्फरपुर
- दरभंगा
- पूर्वी चंपारण
- पश्चिमी चंपारण
- भागलपुर
- पूर्णिया
- सहरसा
- बेगूसराय
- समस्तीपुर
- रोहतास
- कैमूर
- और बिहार के सभी 38 जिले
इस योजना से क्या फायदा होगा?
- कम पूंजी में उच्च लाभ वाला व्यवसाय
- बकरी पालन में बाजार जोखिम बहुत कम
- दूध, मांस और बच्चे — तीनों से आय
- सालाना लाखों की कमाई संभव
- ग्रामीण युवाओं के लिए स्थायी रोजगार
- महिलाओं के लिए बेहतरीन घरेलू व्यवसाय
